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उठते-बैठते आती है घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से कट-कट की आवाज? तो ये हो सकता है कà¥à¤°à¥‡à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤¸ का संकेत
इन दिनों कम उमà¥à¤° में ही घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से कà¥à¤°à¥ˆà¤•िंग साउंड आने लगती हैं। यदि आपके साथ à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो इसकी वजह और इसके ठीक होने के उपाय à¤à¥€ जानना जरूरी है।
आज से दो दशक पहले तक जब महिलाà¤à¤‚ मेनोपॉज के फेज से गà¥à¤œà¤° रही होती थीं, तो उनके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ कमजोर हो जाते थे। विशेषजà¥à¤ž मानते हैं कि à¤à¤• समय के बाद हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सिरों पर लचीले टिशूज कम हो जाते हैं। घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के जोड़ों पर मौजूद कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ खतà¥à¤® हो जाने के कारण à¤à¥€ चलने पर कट-कट की आवाज आने लगती है। उमà¥à¤° बढ़ने पर जोड़ों के कà¥à¤› कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ हमेशा के लिठकाम करना बंद कर देते हैं। कई बार लंबे समय तक बैठे रहने के बाद उठने पर न सिरà¥à¤« घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के अंदर से कट-कट की आवाज आती है। बलà¥à¤•ि इसके कारण कà¤à¥€-कà¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ à¤à¥€ सकती है। आइठजानते हैं इसका कारण और बचाव के उपाय।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आती है घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से कà¥à¤°à¥‡à¤•िंग की साउंड
खराब लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² और खाने-पीने की गलत आदतों के कारण इन दिनों कम उमà¥à¤° में ही महिलाओं के घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ से कट-कट की आवाज आने लगती है। इसे कà¥à¤°à¥‡à¤•िंग à¤à¥€ कहा जाता है। कà¥à¤°à¥‡à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤¸ (crepitus) इसका मेडिकल टरà¥à¤® है। लंबे समय तक घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से कà¥à¤°à¥ˆà¤•िंग साउंड आने पर ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤…रà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है।
इसकी वजह जानने के लिठहमने बात की लखनऊ के रीजेंसी हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट रिपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट सरà¥à¤œà¤¨ डॉ. रोहित जैन से। डॉ. रोहित ने बताया कि कम उमà¥à¤° में ही घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से कà¥à¤²à¤¿à¤•िंग साउंड आने की वजह है हमारी खराब जीवनशैली और खानपान का तरीका। बैलेंस डाइट न लेने के कारण लड़कियों के कम उमà¥à¤° में ही मसल वीक होने लगते हैं। जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट के बोन आपस में टकराने लगते हैं।
जोड़ों के बीच à¤à¤¯à¤° बबलà¥à¤¸ बनने के कारण à¤à¥€ कट-कट की आवाज आ सकती है। हालांकि इससे चलने-फिरने में कोई दिकà¥à¤•त नहीं होती है। वहीं दूसरी ओर नी इंजरी होने से कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है। उसके पीसेज जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट में फंस जाते हैं। इससे à¤à¥€ चलने पर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ से आवाज आती है। कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ कोलेजन से बने होते हैं। इसके पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को बनाने में विटामिन सी का अहम योगदान होता है। यह आवाज आनी बंद à¤à¥€ हो सकती है, बशरà¥à¤¤à¥‡ हम कà¥à¤› बातों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
1 बैलेंस डाइट लेना है सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी
हमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र डाइट लेना चाहिà¤à¥¤ यह मातà¥à¤°à¤¾ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हो। दूसरी ओर कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिन डी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ लें। खà¥à¤¦ को हमेशा हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ करते रहना चाहिà¤à¥¤ इसका मतलब यह हà¥à¤† कि हमें रोज ढाई से तीन लीटर पानी पीना चाहिà¤à¥¤ दूध में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पाया जाता है। इसलिठरोज दूध पीà¤à¤‚। काले चने को गरीबों का à¤à¥‹à¤œà¤¨ माना जाता है।हडà¥à¤¡à¥€ को मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के लिठकाले चने को à¤à¥‚न कर खाà¤à¤‚।
2 à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को बनाà¤à¤‚ अनिवारà¥à¤¯ रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करना à¤à¥€ सीख लें। घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के कà¥à¤› हलà¥à¤•े-फà¥à¤²à¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के कारण हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚
में होने वाली कट-कट की आवाज को रोकते हैं।
3 ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लें
अमूमन शाकाहारियों में ओमेगा 3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की कमी हो जाती है। इसके सà¥à¤°à¥‹à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤¨à¤¿à¤®à¤² बेसà¥à¤¡ होते हैं। इसलिठजो लोग पशॠआहार नहीं लेते हैं उनमें इस जरूरी पोषक ततà¥à¤µ की कमी हो जाती है। अगर आप मांस खा सकती हैं, तो अपने आहार में मछली को अवशà¥à¤¯ शामिल करें।
पर अगर आप शाकाहारी हैं, तो आप अपने आहार में बादाम, अखरोट जैसे डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ को शामिल कर सकती हैं। ये बोनà¥à¤¸ का नेचà¥à¤°à¤² ऑयल बनाठरखने में मददगार होते हैं। जिससे आपको कà¥à¤°à¥‡à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤¸ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना नहीं करना पड़ता।
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